बाढ़ के कारण दर्जनों गाँवों का संपर्क कटा, जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुँच रहे छात्र-छात्राएं 

Students risking their lives to reach school

सहारनपुर : सरकार की घोर लापरवाही स्कूली बच्चों के लिए मुसीबत बन गई है। एक ओर सरकार बच्चों के भविष्य के लिए शिक्षा के प्रति सजग है। बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर, तहसील बेहट क्षेत्र में बरसाती नदियों में आई बाढ़ ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के लिए मुसीबत बन गई है। गाँव मंझाड़ी और रसूलपुर के बीच यमुना नदी में जान जोखिम में डालकर छात्र स्कूल पहुँच रहे हैं। नदी में बाढ़ जैसे हालात के कारण दर्जनों गाँवों का संपर्क टूट गया है।

यह सड़क लगभग 20 गाँवों को जोड़ती है। ग्रामीणों के साथ-साथ छात्र भी इसी नदी को पार करके स्कूल जाते हैं। वे जान जोखिम में डालकर नदी पार करके स्कूल आते-जाते हैं। पहले इस नदी पर एक पुलिया बनाई गई थी, जो बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें गहरे गड्ढे बन गए हैं, इस संबंध में ग्रामीणों ने कई बार जिलाधिकारी सहारनपुर को लिखित प्रार्थना पत्र दिया है और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यहां एक छोटा पुल बनवाया गया है, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ है।

स्कूली बच्चों का पानी के तेज बहाव में नदी पार करने का वीडियो वायरल हो रहा है। छात्र जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। वहीं दर्जनों गांवों का तहसील बेहट से संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। इसके बावजूद शासन प्रशासन कुंभकर्ण की नींद सो रहा है। या फिर किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहा है।

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